कुछ करो ना !(हास्य व्यंग)

मैने कहा कि कोरोना चीन से आया है तो कुछ शादी-शुदा  दंपति कहने लगे यह  तो इंडिया में आदि काल से था ।  इसका नाम ऐसे वहां बदल गया जैसे भारत इंडिया में ,इलाहाबाद  प्रयाग में । भारत में इसका नाम ‘कुछ करो ना’  था । चाईना  में कोरोना हो गया । लेकीन  दबंग चाइना  यह स्वीकारने से कतरा रहा है कि हमारे यहां से  कोरोना फैला है ,उल्टे अमेरिका पर आरोप लगा रहा है । ऐसे में भारत कैसे कह दे की यह  बीमारी  भारत में  आदी काल से था । हमने रोक लगाने कोशिश की । एक बार हमारे राजीव गांधी जी किए थे लेकिन असर उल्टा हुआ , इसके विपरीत और फैल गया पूरे भारत में  । कई धार्मिक कट्टरपंथी लोगों ने कहा,  यह  हमारे फिलासफी पर खतरा  है तो भारत सरकार ने कई देशी चलचित्र नायक – नायिकाओं से सम्पर्क किया, कि जन  जागरूकता लाया जाए,  डिलक्स भी बड़े काम की चीज है , बताया जाए; जब सब ने गर्दन नीचे कर ली , विदेशी को देशी  बनाकर पेश किया गया ।  कहीं जनता इसका विरोध ना कर दें कि अंग्रेजों का नया पैंतराबाजी है।   फूट डालो और शासन करो की जगह इनका नया फाॅर्मूला रिडियूस करो और शासन करो तो नही है। कोरोना और कुछ करोना में ज्यादा फर्क नही है। यहां हर काम बंदा पहले मना कर देता है।वह  निक्मा बैठना पसंद करता है।

भारतेन्दु हरिचन्द्र ने कहा है।   विलायत में मालिक जब काम करने जाते हैं तब उनका ड्राइवर अखबार पढ़ता है। देश का जागरूक नागरिक है। देश में क्या हो रहा है इसका ध्यान रखता है, यहां मालिक गए काम से ड्राइवर बैठकर ताश खेलते हैं ,गप मारते हैं। ऐसे में देश की तरक्की कैसे होगी लेकिन भारतीय नारीयों को मालूम है ।पतियों    से कैसे काम निकलवाना है ।उनका हथियार है , कुछ करो ना !  पति बेचारा सोचता है कुछ ही तो करना है , कर देते हैं लेकिन करते-करते जब उसे एहसास होता है कि उसका  इस्तेमाल किया जा रहा है ।

तभी बीबी बोलती है , थोड़ी सी बची है । आज तुम्हारे लिए   गाजर का हलवा बना दुंगी ,  पति बेचारा खुश।पति बाजार नहीं जाना  चाहता, शाॅपिंग नही करना चाहता लेकिन कुछ करोना  से शुरू होकर सारा काम खत्म हो जाता है। भारतीय पति थोड़ा भोले होते हैं । बाजार में पत्नी मटर की तरफ इशारा करती है और पुछती है,  दो किलो मटर  ले लूं। पति महोदय बोलते हैं , ले लो । तो फिर पत्नी को अपने  भोले पति पर हंसी आती है। दया कर हकीकत बता देती हैं कि मतलब  कहना चाहती हूँ , इतना छिल लोगे ना ! वैसे कोरोना वायरस बहुत कुछ लेकर जाएगा तो  बहुत  कुछ देकर भी जाएगा ।  साफ हवा, साफ पानी , साफ मौसम और बहुत बीमारीयों से  राहत । भारत मे कुछ  करोना बीमारी खत्म हो जाएगा क्योंकि छः- सात महिनो मे पतियों को घर का काम करने कि आदत पड़ जाएगी फिर लुगाइयो को निवेदन नहीं करना पड़ेगा , कुछ  करो ना!

–धर्मेन्द्र कुमार निराला निर्मल

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